हादसा तड़के 2:30 बजे एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री के प्लांट में हुआ। सुबह करीब 5:30 बजे न्यूट्रिलाइजर्स के इस्तेमाल के बाद हालात काबू में आए। तब तक गैस 4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 5 छोटे गांवों में फैल हो चुकी थी। हादसे में अब तक 2 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसा विशाखापट्टनम से करीब 30 किलोमीटर वेंकटपुरम गांव में हुआ। एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हैं। 300 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। 25 लोग वेंटिलेटर पर हैं। 15 बच्चों की हालत नाजुक है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीएमए और नौसेना की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया। एनडीआरएफ के डीजी एस एन प्रधान ने कहा है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। यह कोशिश की जा रही है कि और लीकेज नहीं हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी से फोन पर बात की। साथ ही दिल्ली में एनडीएमए के अधिकारियों से चर्चा की। केंद्र सरकार की ओर से एक्सपर्ट टीम भेजने का फैसला लिया गया है। उधर, आंध्रप्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
Digital Desk: Firoz Khan
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।