तीन घंटे चली यह झड़प दुनिया की दो एटमी ताकतों के बीच लद्दाख में 14 हजार फीट ऊंची गालवन वैली में हुई। उसी गालवन वैली में, जहां 1962 की जंग में 33 भारतीयों की जान गई थी। भारत ने चीन की तरफ हुई बातचीत इंटरसेप्ट की है। इसके मुताबिक, चीन के 43 सैनिक हताहत होने की खबर है, लेकिन चीन ने यह कबूला नहीं है।
बढ़ते तनाव और सैनिकों की मौत के बाद बॉर्डरपर अलर्ट कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र ( UN ) के बाद अमेरिका ने भी शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई है। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत और चीन के बीच जारी विवाद को लेकर चर्चा की। बता दें कि 1975 के बाद पहली बार भारत-चीन के बीच बड़ा खूनी संघर्ष हुआ है।
Digital Desk: Firoz Khan
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