सूत्रों के मुताबिक़ पायलट गुट कांग्रेस पार्टी में बने रहने के बजाये भाजपा में शामिल होने या तीसरा मोर्चा बनाने के विकल्प की गणित बैठाने में लगा है। हालांकि पायलट के समर्थन में ‘सरकार’ से बगावत करने वाले कुछ विधायक भाजपा के साथ नाता जोड़ने से सहमत नहीं बताये जा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की कांग्रेस पार्टी से बगावत और नाराजगी के कई कारण बताये गए हैं। लेकिन उनके साथ पार्टी का दामन छोड़ने तक को राज़ी हुए विधायकों का आक्रोश भी कम नहीं है। पायलट के समर्थन में उतरने के साथ ही ज़्यादातर विधायकों ने मुख्यमंत्री पर सीधा बयानी हमला बोला है। इनमें कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री व विधायक हेमाराम चौधरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक दीपेन्द्र सिंह शेखावत, यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व विधायक मुकेश भाकर शामिल हैं।
Digital Desk: Firoz Khan
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