बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रहे तनाव के कारण चिराग पासवान ने एनडीए से दूरी बना ली है। एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान की अध्यक्षता में रविवार को हुई संसदीय दल की बैठक हुई, इसमें चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी और एनडीए के बीच गठबंधन टूट गया। अब बिहार चुनाव में एलजेपी अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने किसी भी फैसले के लिए चिराग पासवान को पहले ही अधिकृत कर दिया था। एनडीए के साथी भाजपा और जदयू किसी भी वक्त सीटों के बंटवारे की घोषणा कर सकते है। एलजेपी खुलकर नीतीश कुमार के नीतियों का विरोध कर रही है।
लोजपा ने जदयू चीफ नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। यह फैसला रविवार को दिल्ली में हुई पार्टी की संसदीय दल की बैठक में लिया गया। लोजपा एनडीए में मनचाही संख्या में सीट न मिलने से नाराज है। पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि भाजपा के साथ कुछ सीटों पर लोजपा की फ्रेंडली फाइट होगी। पर पार्टी उन सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार जरूर उतारेगी, जहां जदयू के प्रत्याशी होंगे।
हालांकि, पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन को तैयार है। चिराग पासवान ने इस संबंध में एक रिजोल्यूशन भी पास किया और कहा कि पार्टी के विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत करने का काम करते रहेंगे। प्रस्ताव से पार्टी ने यह दिखाने की कोशिश की है कि अगर चुनाव बाद जरूरत हुई तो लोजपा और भाजपा मिलकर बिहार में सरकार बना सकती हैं।
Digital Desk: Firoz Khan
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