अप्रैल और मई के बीच देश में रैंडमली एनालाइज किए गए 22 सैम्पल्स में से 16 तेलंगाना के हैं। जीनोम सीक्वेंसिंग के एक सीनियर स्पेशलिस्ट ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया ये बातचीत में कहा, "यह वैरायटी लगभग 50 देशों में पहले से मौजूद है। अगर किसी इलाके में इसके सैम्पल्स मिल रहे हैं तो हमें बड़ी सावधानी से देखना होगा।"
इस वेरिएंट में जो म्यूटेशंस हैं, वे साउथ अफ्रीकन और ब्राजीलियन वेरिएंट्स में भी मिले हैं। साउथ अफ्रीका में अभी तक जितनी भी वैक्सीन टेस्ट की गईं हैं, वे संक्रमण को रोकने में कम असरदार साबित हुई हैं। एक्सपर्ट्स अभी नहीं बता सके हैं कि यह वेरिएंट ज्यादा संक्रामक और घातक बीमारी देता है या नहीं। यह वेरिएंट ऐंटीबॉडी ट्रीटमेंट के असर को कम करता है। इसके अलावा वैक्सीनेशन और कॉन्वलसेंट प्लाज्मा का भी इसपर खास असर नहीं होता है।
Digital Desk: Firoz Khan
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