इस मामले की जांच कर रहे एएसआई रमेशचंद्र डामोर ने बताया कि बोरखाबर निवासी नरेश मईड़ा ने थाने लिखित में दी रिपोर्ट में बताया कि बुधवार शाम करीब पांच बजे वो अपनी पत्नी हुकी और नाबालिग बेटी को बाइक पर लेकर सामरिया गांव जा रहा था। रास्ते में घाट सेक्शन से बोरखाबर के पास एक बोलेरो जीप पीछे से आई और बाइक के सामने आकर रुकी। इसमें से बिजलपुर थाना पाटन निवासी भीमा, विकास और सुनील डिंडोर नीचे उतरे। इन बदमाशों ने मुझे (पिता नरेश) को पकड़ लिया और बेटी को खींचने लगे। मैंने जैसे-तैसे बेटी का हाथ पकड़ा। इस पर बदमाश मारपीट पर उतारू हो गए और वे तब तक मारते रहे जब तक कि मैंने उसका हाथ नहीं छोड़ दिया। इसके बाद बदमाश बेटी को लेकर सामरिया की ओर भाग निकले और मोबाइल भी छीनकर ले गए।
Author: JAN TV Editorial Team
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