सुप्रीम कोर्ट  का फैसला : एससी-एसटी आरक्षण में जाति आधारित हिस्सेदारी संभव
(India) सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एससी-एसटी आरक्षण में जातिगत आधार समान नहीं एससी-एसटी आरक्षण में जातिगत आधार समान नहीं सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एससी-एसटी आरक्षण पर अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि एससी-एसटी आरक्षण में जातिगत आधार पर कोटा देने का अधिकार राज्य को है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी, जस्टिस पंकज मित्तल, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा। पीठ ने कहा कि एससी श्रेणी के भीतर अधिक पिछड़े लोगों को अलग से कोटा देने के लिए कोटा के भीतर कोटा को मंजूरी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आरक्षण पर अपने फैसले में राज्यों को अनुसूचित जाति और जनजाति के भीतर उप-श्रेणियां बनाने की अनुमति दे दी है।... एजेंसी, नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आरक्षण पर अपने फैसले में राज्यों को अनुसूचित जाति और जनजाति के भीतर उप-श्रेणियां बनाने की अनुमति दे दी है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें

* SC की 7 जजों की बेंच ने जाति के वर्गीकरण पर 6-1 से फैसला सुनाया।

* आरक्षण में प्राथमिकता उन लोगों को दी जानी चाहिए जिन्हें इसकी वाकई जरूरत है।

* राज्यों को यह तय करने का अधिकार दिया गया है कि इसका आधार क्या होना चाहिए।

* न्यायाधीशों ने कहा कि उप-श्रेणियां बनाते समय क्रीमी लेयर को भी ध्यान में रखना होगा।

Author: JAN TV Editorial Team

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