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ओडिशा के एक विधायक और पूर्व मंत्री ने करीब डेढ़ महीने में साइबर धोखाधड़ी में 1.4 करोड़ रुपये गंवाए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में कर्नाटक से चार और तमिलनाडु से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पूर्व मंत्री ने इस संबंध में जनवरी में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया कि उनका एक दोस्त उनके ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा था और उसने पैसे गंवा दिए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी और उनके सहयोगी खुद को ट्रेड एनालिस्ट बताते थे और लोगों को आईपीओ, शेयर और ट्रेडिंग के अन्य तरीकों में निवेश करने के लिए उकसाते थे। इसके लिए उन्हें उच्च रिटर्न का वादा किया जाता था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की साइबर क्राइम यूनिट ने पाया कि आरोपियों ने 13 नवंबर 2024 से 1 जनवरी 2025 के बीच शिकायतकर्ता से धोखाधड़ी करके 1.40 करोड़ रुपये हासिल किए। क्राइम ब्रांच के आईजी सार्थक सारंगी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "इस साल 13 जनवरी को हमें शिकायत मिली थी कि साइबर जालसाजों ने मोबाइल ऐप के जरिए शिकायतकर्ता से 1.4 करोड़ रुपये ठग लिए।" हालांकि, उन्होंने शिकायतकर्ता का नाम नहीं बताया और कहा कि इससे जांच प्रभावित हो सकती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शिकायतकर्ता मौजूदा विधायक, पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और आईआईटी स्नातक हैं। हालांकि, बीजद विधायक और पूर्व आईटी मंत्री तुषारकांति बेहरा ने संवाददाताओं से कहा, "मेरा दोस्त मेरे ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा है और साइबर धोखाधड़ी में पैसे गंवा रहा है। मुझे धोखाधड़ी के बारे में ऐसी कोई सीधी जानकारी नहीं है।" सारंगी ने कहा कि पैसे कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, असम और महाराष्ट्र के बैंक खातों में भेजे गए हैं। पहले चरण में क्राइम ब्रांच की टीमें कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल भेजी गईं और उन्होंने सात लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारी ने कहा, "बहुत जल्द हम इस मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अपनी टीमें हैदराबाद, पश्चिम बंगाल और दिल्ली भेजेंगे।" उन्होंने बताया कि अब तक क्राइम ब्रांच आरोपियों से 4 लाख रुपए वसूलने में सफल रही है और उनके बैंक खातों में 15 लाख रुपए फ्रीज कर दिए हैं। सारंगी ने बताया कि हाल ही में एक विश्वविद्यालय के कुलपति और एक नौसेना अधिकारी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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