राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें 79.63 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल 883 उम्मीदवार मैदान में थे।
मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए 43 स्थानों पर 140 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। इस प्रक्रिया में 15 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिसमें रिटर्निंग ऑफिसर, माइक्रो ऑब्जर्वर और काउंटिंग स्टाफ शामिल हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी, जो कुल वोटों का लगभग 1.36 प्रतिशत है। इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती चरणबद्ध तरीके से की जाएगी और दोपहर तक चुनाव परिणाम की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहां केंद्रीय बलों की 25 कंपनियों के साथ राज्य पुलिस को भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
एग्जिट पोल में मुकाबला कड़ा बताया गया है, हालांकि कुछ सर्वेक्षणों में UDF को बढ़त मिलने के संकेत हैं। वहीं LDF लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीद जता रहा है।
यह चुनाव NDA के लिए भी अहम माना जा रहा है, जो राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने और वोट शेयर बढ़ाने की कोशिश में है।
केरल की सियासी दिशा तय करने वाले इन नतीजों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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