ओम बिरला बोले- सदन में बार-बार होने वाले व्यवधान लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती
(CHANDIGARH, India) Om Birla ने कहा है कि सदनों में बार-बार होने वाले व्यवधान और रुकावटें लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या का समाधान विधायी संस्थाओं के भीतर ही तलाशना होगा, जहां संवाद, सार्थक चर्चा और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप आचरण को बढ़ावा दिया जाए।

लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित द्वितीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) भारत क्षेत्र, जोन-दो सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास और मजबूत करना है।

बिरला ने बताया कि सम्मेलन चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों के साथ संपन्न हुआ, जिनका उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक और विधायी संस्थाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाना है। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के माध्यम से जनता की भागीदारी और सहयोग से लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त किया जाएगा।

उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। साथ ही छात्र जीवन से ही संविधान के प्रति जागरूकता, कर्तव्यबोध और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान विकसित करने की बात कही।

लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि राज्यों का विकास ही राष्ट्रीय विकास का आधार है और सभी राज्यों को समावेशी विकास की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए।

दो दिवसीय सम्मेलन में देश के 12 राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्षों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

Author: JAN TV Editorial Team

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