(Patna, Patna)
बिहार में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार (19 अगस्त) को पटना में ‘राजभवन मार्च’ निकाला। इस मार्च का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने किया।
राजद का यह मार्च गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुआ और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं नेता इसमें शामिल हुए। मार्च जैसे ही आयकर गोलंबर के पास पहुंचा, पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। राजभवन की ओर बढ़ रहे तेजस्वी यादव, सांसद मीसा भारती और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने राजद सांसद सुधाकर सिंह समेत कई विधायकों और पार्टी नेताओं को भी हिरासत में लिया। इसके बाद सभी नेताओं को सचिवालय थाना ले जाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिली।
राजद नेताओं का आरोप है कि सरकार नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
हिरासत के दौरान एक दिलचस्प घटना भी सामने आई। राजद सांसद मीसा भारती ने बताया कि प्रशासन द्वारा नेताओं को ले जाने के लिए जो बस उपलब्ध कराई गई थी, उसमें क्षमता से अधिक लोगों को बैठा दिया गया। इसी वजह से बस का टायर पंक्चर हो गया। इसके बाद उन्होंने और अन्य नेताओं ने ई-रिक्शा से थाने जाने का फैसला किया।
मीसा भारती ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम लोग खुद अपनी व्यवस्था करके ई-रिक्शा से जा रहे हैं। प्रशासन की बस में इतने लोगों को बैठा दिया गया कि उसका टायर ही पंक्चर हो गया।”
नीट पेपर लीक और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों को लेकर बिहार की राजनीति में माहौल गर्म है। राजद इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी संघर्ष और तेज होने की संभावना है।
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