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केरी ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली की यात्रा की थी और यहां उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ पांचवीं वाषिर्क भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता की सहअध्यक्षता की थी। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले ओबामा प्रशासन के पहले कैबिनेट मंत्री थे। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री पेनी प्रित्जेकर भी अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ भारत यात्रा पर आए थे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने कल संवाददाताओं से कहा कि मैं इस यात्रा को कोई अंतिम या निर्णायक यात्रा के तौर पर नहीं देखती बल्कि यह उस नई सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण संबंध की शुरुआत है, जो अमेरिका के लिए काफी रणनीतिक महत्व रखती है। प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा और मुलाकात निश्चित तौर पर गर्मजोशी से भरी हुई थी, उम्मीद करते हैं कि हम रिश्तों पर जमी बर्फ इस गर्माहट से पिघला सकेंगे। रक्षा मंत्री चक हेगल इस सप्ताह के अंत में भारत की यात्रा पर जाएंगे। मोदी सरकार के मंत्रियों के साथ सप्ताह भर के भीतर मुलाकात करने वाले वह अमेरिकी केबिनेट के तीसरे मंत्री होंगे। साकी ने कहा कि केरी की यात्रा, मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ओबामा प्रशासन के सदस्य की सबसे उच्च स्तर की यात्रा थी। रणनीतिक वार्ता के साथ-साथ उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की और प्रधानमंत्री की किसी अमेरिकी अधिकारी के साथ यह पहली मंत्रिमंडल स्तर की बैठक थी। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें मुख्य ध्यान मोदी के आर्थिक दृष्टिकोण पर रहा। इस बात पर चर्चा हुई कि अमेरिका किस तरह से इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता जिसमें ऊर्जा क्षेत्र और स्वच्छ उर्जा पहल शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। साकी ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान के साथ ही भारत की ‘पूर्व की ओर देखो’ नीति पर भी चर्चा की।
Author: JAN TV Editorial Team
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