(Rajasthan, India)
राज्य बजट में कपड़े और फर्निशिंग पर लगाए वैट के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने उद्योग मैदान में सांकेतिक धरना दिया। धरने में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने हिस्सा लिया और राज्य सरकार से कपड़े से वैट हटाने की मांग की। संघर्ष समिति की ओर से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आश्वासन के बावजूद वैट को समाप्त नहीं किए जाने के विरोध में व्यापारियों ने 6 अगस्त को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया है। आजादी के बाद से ही बिक्री कर नहीं था, लेकिन अब राजस्थान कपड़े पर वैट लगाने वाला पहला राज्य बन गया है। राज्य बजट में 500 रूपए से अधिक मूल्य के कपड़े को वैट के दायरे में लिया है, जबकि कपड़े पर अधिकतम बिक्री मूल्य का अंकन नहीं होता। देश में 500 रूपए से अधिक कीमत के कपड़े की बिक्री चार वस्त्र निर्माता मिल ही करती है। राज्य में इन मिलों की बिक्री मात्र 100-125 करोड़ रूपए वार्षिक है। इस आधार पर कपड़े पर लगाए वैट के कारण राज्य सरकार को पांच-सात करोड़ से अधिक की वैट वसूली नहीं हो सकती। सरकार की ओर से वैट के विरोध में प्रदेशभर के व्यापारी एकजुट हो गए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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