मालेगांव में 7 साल पहले हुए बम धमाकों से जुड़े मामलों में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्युटर रोहिणी सालियन ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि इस ब्लास्ट में शामिल अभियुक्तों के प्रति नरम रुख रखने के लिए उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। यह दबाव राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की ओर से डाला जा रहा है। 2008 में रमजान के दौरान एक मस्जिद के बाहर हुए विस्फोट में चार मुसलमान मारे गए थे। पहले शक था कि मुसलिम उग्रवादियों ने यह धमाका किया होगा। लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि इस ब्लास्ट में कुछ हिंदू चरमपंथी शामिल थे।
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