दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने विज्ञापन के बजट में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोत्तरी कर दी है। केजरीवाल सरकार अपने कामकाज का जनता के बीच बखान करने वाले विज्ञापनों पर एक वित्त वर्ष में 526 करोड़ रुपए खर्च करेगी। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब हर विभाग के लिए अलग-अलग फंड रखा गया है। 2013-14 में कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार के दौरान एक साल के विज्ञापन का बजट करीब 33 करोड़ था। इस हिसाब से देखें तो केजरीवाल सरकार ने विज्ञापनों पर होने वाले खर्च को करीब 16 गुना बढ़ा दिया है।विज्ञापनों के जरिए लोगों तक पहुंच बनने की इसी कवायद के तहत रेडियो पर एक 76 सेकेंड का विज्ञापन चलाया जा रहा है। इसमें केजरीवाल दावा करते हैं कि श्जो कहा सो किया।श् सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सरकारी योजनाओं के प्रचार में सीएम की फोटो का इस्तेमाल न करने से बचने के लिए दिल्ली सरकार ने एफएम रेडियो के जरिए विज्ञापन करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, रेडियो पर आ रहे इस विज्ञापन पर सरकार करीब 50 लाख रुपए खर्च कर रही है। ये विज्ञापन रेडियो में दिन में चालीस बार बजते हैं।
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