लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा वे सत्र को गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद बुलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी नरेंद्र मोदी की सरकार में हो रहा है वह लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा इस सरकार के मंत्रियों और स्पीकर को भी नहीं पता की सत्र कब बुलाया जाएगा। केवल एक शख्स को इस बात की जानकारी है और वह है ब्रह्मा। आप लोकतंत्र को चलाने में मनमौजी नहीं हो सकते।
इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार संसद का सामना करने से शर्मा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जान बूझकर सत्र को टाल रही है ताकि भ्रष्टाचार रोजगार में नाकामियों और आर्थिक मोर्चे पर अपनी विफलता को छुपाया जा सके। कांग्रेस नेताओं का सरकार पर हमला पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा सरकार पर कमजोर आधार पर शातकालीन सत्र को टालने का आरोप लगाने के बाद हुआ है।
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि आमतौर पर इस बात का ध्यान रखा जाता है कि संसद सत्र और विधानसभा चुनाव एक साथ नहीं आए। पहले भी ऐसा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हताशा में यह आरोप लगा रही है क्योंकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में उसका पत्ता साफ होने वाला है। मोदी सरकार संसदीय लोकतंत्र को लेकर प्रतिबद्ध है। शीतकालीन सत्र दिसंबर में बुलाया जाएगा और तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी। गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के तीसरे सप्ताह में बुलाया जाता है और यह दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक चलता है।
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