केंद्र सरकार ने 2013-14 में केजी बेसिन से गैस प्रॉडक्शन टारगेट से कम रहने के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 57 करोड़ 90 लाख डॉलर यानि की 3,475 करोड़ रुपए का ताजा अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। अप्रैल, 2010 से चार फाइनैंशल इयर में टारगेट से कम प्रॉडक्शन के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज पर लगाया गया जुर्माना अब 2.376 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिलायंस ने हर दिन 8 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस उत्पादन की सुविधाएं तैयार की थीं लेकिन गैस का उत्पादन इससे काफी कम रहा। 2011-12 में 35.33 मिलियन क्यूबिक मीटर, 2012-13 में 20.88 मिलियन क्यूबिक मीटर और 2013-14 में महज 9.77 मिलियन क्यूबिक मीटर ही गैस का प्रॉडक्शन रहा। समझौते के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी सहयोगी कंपनी को पहले पूंजी और परिचालन खर्च रिकवर करने दिया जाना था फिर कंपनी को जो लाभ होता, उसका कुछ हिस्सा सरकार को देना था। सरकार के मुताबिक कंपनी द्वारा अपने केजी-डी6 ब्लॉक से टारगेट से कम नैचरल गैस प्रॉडक्शन के कारण ऐसा नहीं हो पाया है। प्रधान ने बताया कि फिलहाल इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्था की प्रकिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम एवं नाचरल गैस मंत्रालय ने इसके अलावा 11.5 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त मुनाफे का भी दावा किया है जिसका भुगतान कंपनी को करना है।
Author: JAN TV Editorial Team
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