(Amber, Jaipur)
मानस आरोग्य सदन हॉर्ट केयर एंड मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की लीज के लिए निजी जन सहभागिता निविदा मूल्यांकन और एग्रीमेंट में हेरफेर से 290.16 करोड़ का घोटाला हुआ है। 401.82 करोड़ की कंशेसन फीस को मनमाने तरीके से कम कर दिया गया। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग की विधानसभा में पेश रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। हेराफेरी का नतीजा है कि एसएमएस अस्पताल पर से दबाव कम करने के लिए बनाया ये अस्पताल अपने उद्देश्य में भी विफल रहा है। आपको बता दें कि अप्रेल 2009 में 26.8 करोड़ की लागत से मानस अस्पताल भवन का निर्माण हुआ। जनवरी 2010 में अस्पताल को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए सरकार ने प्रक्रिया शुरू की। 30 साल की अवधि या इससे पहले समापन तक लीज पर मेट्रो समूह को 7 दिसंबर, 2011 को ये अस्पताल कंशेसन एग्रीमेंट के जरिए दिया गया। भवन के पूरा होने के 40 महीने बाद अस्पताल का संचालन शुरू हुआ।
Author: JAN TV Editorial Team
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