सूखे के साथ बाढ़ की चपेट में आ सकता है बिहार,
(BIHAR, India) बिहार को बाढ़ के साथ सूखे का भी सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है। आपदा की स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों को तैयार रहने की हिदायत दी है। शनिवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने नौ प्रमंडलों के आयुक्त और 38 जिलों के डीएम-एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि आपदा पीड़ितों का खजाने पर पहला अधिकार होता है। बाढ़ या सूखे जैसे हालात उत्पन्न होने पर लोगों को हर तरह की राहत मुहैया होनी चाहिए। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। करीब सवा छह घंटे तक लगातार इस बैठक में मुख्यमंत्री ने डीएम से वर्षा की स्थिति, धान और मक्का की रोपनी के साथ अनाज के उठाव, वितरण और राशन कार्ड वितरण की जानकारी ली। सीएम ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में खाद्य पदार्थों की दरों का निर्धारण पूर्व की दर पर होगा या फिर टेंडर या स्थानीय स्तर पर बाजार का सर्वे कर जो कम दर होगी, वही निर्धारित होगी। बैठक में मंत्री विजय चैधरी, मुख्य सचिव एके सिंह, प्रधान सचिव व्यासजी व डीजीपी पीके ठाकुर भी थे। बैठक के दौरान बाढ़ ग्रस्त जिलों में वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर, कटिहार, शिवहर को बताया गया है। जबकि कम वर्षा वाले जिलों में शिवहर, पटना, सीवान, औरंगाबाद, भोजपुर, रोहतास, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, सीतामढ़ी, कैमूर, गोपालगंज, सारण, अरवल, सहरसा और बक्सर को शामिल किया गया है।

Author: JAN TV Editorial Team

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