(BIHAR, India)
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दावा किया कि बेलगाम अपराध और ध्वस्त आर्थिक संसाधनों के कारण 15 साल तक बदनाम रहे बिहार को ‘ब्रांड बिहार’ बनाने में भाजपा ने ही पूरी ताकत लगाई, लेकिन राज्य को उन्हीं दिनों में लौटाने के, लालू प्रसाद से हाथ मिलाने वाले नीतीश कुमार उलटे भाजपा के खिलाफ अनर्गल बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि 2005 में भाजपा की मजबूत भागीदारी से ही ‘जंगलराज’ समाप्त करने वाली पहली भाजपा-जेडीयू सरकार बनी थी। भाजपा सहयोग वाली उसी सरकार ने विकास के जरिये ‘ब्रांड बिहार’ की बुनियाद रखी। सुशील ने कहा कि 2010 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जनादेश उसी ‘ब्रांड बिहार’ को मजबूत करने के लिये भाजपा-जदयू सरकार के पक्ष में था, लेकिन नीतीश कुमार ने निजी महत्वाकांक्षा के चलते गठबंधन तोड़कर जनादेश और ‘ब्रांड बिहार’, दोनों पर पहला हथौडा चलाया। गठबंधन टूटते ही ‘ब्रांड बिहार’ बिखर गया। उन्होंने बताया कि पिछले साल 23 स्कूली बच्चों की मौत से जहरीले मध्याह़न भोजन का जो दुखद सिलसिला सारण से शुरु हुआ, वह अब तक जारी है। क्या इससे ‘ब्रांड बिहार’ पर कालिख नहीं लग रही है। सुशील ने कहा कि आतंकियों ने जब बोधगया और पटना में सिलसिलेवार धमाके कर बिहार को दहशतगर्दी का निशाना बनाया, तब क्या ‘ब्रांड बिहार’ लहूलुहान नहीं हुआ।
Author: JAN TV Editorial Team
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