बाजार में बेचे जा रहे खाद्य तेल में से 64 फीसद तेल मिलावटी है। यह चैंकाने वाले आंकड़े भारतीय उपभोक्ता गाइडेंस सोसाइटी के हालिया सर्वे में सामने आए हैं। सीजेएसआई ने सोमवार को ये आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। सीजीएसआई के अध्यक्ष सीताराम दीक्षित ने बताया कि खुले बाजार में बेचे जा रहे खाद्य तेल के देशभर से 291 नमूने एकत्रित किए गए थे। हर नमूना 100 ग्राम का था। इनमें से 64 फीसद नमूने मिलावटी पाए गए। इनमें मिलावट की मात्रा करीब 90 फीसद तक पाई गई है। उन्होंने कहा कि सभी नमूनों में आयोडीन और अन्य मानकों की जांच की गई, जिससे पता चल सके कि यह खाद्य तेल शुद्ध है अथवा मिलावटी। उन्होंने बताया कि तिल, नारियल, मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी, बिनौला और सोयाबीन के इन नमूनों में सस्ते पामोलीन की मिलावटी पाई गई। दीक्षित ने सवाल उठाया कि जब शैम्पू, टूथपेस्ट और कोल्ड ड्रिंक्स छोटे पैक में उपलब्ध हैं तो खाद्य तेल के छोटे पैकेट क्यों नहीं बाजार में उतारे जाते?
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।