(Amber, Jaipur)
राजस्थान विधानसभा में स्पीकर ओर विपक्ष के बीच बोलने के समय को लेकर चल रहा गतिरोध आज समाप्ता हो गया हालांकी इसके लिए मुख्यमंत्री वसुन्ध्रा राजे को मध्यस्थता निभानी पडी आज सूबह मुख्यमंत्री राजे की उपस्थिती में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ओर कांग्रेस के सचेतक गोविन्द सिह डोटासरा स्पीकर से उनके कमरे में इस बारे में चर्चा करने पहुंचे जिसमें स्पीकर ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि आगे से विपक्ष को बोलने के लिए उपयुक्त समय दे दिया जाएगा जिसके चलतें सदन में विपक्ष की ओर से चल रहा गतिरोध समाप्ता हेा गया,,,,,,,,सरकारी कर्मचारियों के उपचार के लिए अधिकृत निजी अस्पताल की मनमानी का मुद्दा विधानसभा में गूंजा। विधायक बाबूलाल वर्मा और मोहनलाल गुप्ता ने प्रश्नकाल में यह मामला उठाते हुए सरकार से इन पर शिंकजा कसने की मांग की। वर्मा ने जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल के सरकारी कर्मचारियों के इलाज के लिए अधिस्वीकृत होने का सवाल लगाकर इसकी प्रक्रिया सरकार से जानी और इसमें व्याप्त खामियों को भी गिनाया। वर्मा का आरोप था कि सरकार से रिआयती दरों पर जमीन लेकर बने निजी अस्पताल जान बूझकर खुद को सरकारी कर्मचारियों के इलाज के लिए सरकार से अधीस्वीकृत कराने से बचते है क्योंकि एमओयू के आधार पर अधिस्वीकृत होने पर उन्हें कम दर पर इनका इलाज करना होगा। ऐेसे में वो अधिस्वीकृत सूची में नाम जुडवाने के लिए आवेदन नहीं करते और सरकार भी इनके खिलाफ कुछ नहीं करती। जवाब में चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड ने इसके लिए रोगी मित्र और हेल्प डेस्क बनाने की बात कही। उनके अनुसार अकेले जयपुर में ही 28 ऐसे अस्पताल है जो तय शर्तो के अनुसार सरकारी कर्मचारी और गरीबों को सुविधा नहीं दे रहे है।
Author: JAN TV Editorial Team
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