विधानसभा  में उठे कई मुद्दे.......ओवरलोड मामले में बनेगी नई टोल नीति......
(Amber, Jaipur) विधानसभा के मौजूदा सत्र में पहली बार जलदाय मंत्री सांवरलाल जाट के सदन में जवाब देते समय विपक्ष ने हंगामा नहीं किया। प्रश्नकाल में जलसंसाधन से जुडे सवाल का जवाब देते समय सदन में कांग्रेस के दो विधायक नारायण सिंह और विश्वेन्द्र सिंह मौजूद थे लेकिन उन्होंने न तो जाट का विरोध किया और न ही सदन से वॉक आउट। कांग्रेस विधायक जलदालय मंत्री के ही मामले में राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली गए है। ऐसे में सदन में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी और सचेतक गोविन्द डोटासरा सहित अधिकतर विधायक नदारत रहे। जो थे उन्होंने विरोध नहीं किया। खनन वाले इलाकों में ओवरलोड वाहनों से सड़क को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए नई टोल नीति बनेगी। सरकार ने इसे तैयार कर लिया है और अगस्त के अंत तक इसे लागू कर दिया जाएगा। नई नीति में खनन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनो से पहले से ज्यादा शुल्क वसूला जाएगा और इस राशि से उन सड़कों की मरम्मत की जाएगी...जो ओवरलोड वाहनों से बार बार क्षतिग्रस्त होती है। विधानसभा में विधायक हीरालाल के लगाए प्रश्न के जवाब में सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान ने ये जानकारी दी। हीरालाल रैगर का आरोप था उनके विधानसभा निवाई पीपलू में 194 मेंसे 135 की हालत खस्ताहाल है और संबंधित ठेकेदारों ने भी मरम्मत से हाथ खडे करदिए है। ऐसे में जो कंपनी वहां टोल वसूल रही है उनसे ही शुल्क वसूल कर सड़क की मरम्मत कराई जाए। जवाब में मंत्री यूनुस खान ने माइंनिंग इलाको के लिए तैयार की नई नीति की जानकारी दी। जिन किसानों के सोयाबीन और मूंग के बीच अंकुरण कम हुआ है। उन्हें सरकार अब निशुल्क बीज मुहैया कराएगी। प्रश्नकाल में उठे सोयाबीन से जुडे प्रश्न के जवाब में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने ये जानकरी सदन में दी। सोयाबीन बीज के कम अंकुरण संबंधी शिकायतों की जांच रिपोर्ट सरकार को मिल गई है। जिसके आधार पर तय किया गया है कि 50 प्रतिशत से कम अंकुरण वाले बीजधारक किसानों को ये राहत दी जाएगी। विधायक चंद्रकांता मेघवाल के मूल प्रश्न पर कोटा से जुडे़ ही अन्य विधायकों ने भी पूरक प्रश्न किए। विधायक भवानी सिंह राजावत ने कोटा में कम अंकुरण वाले बीजो से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग भी की। इस दौरान चंद्रकांत मेघवाल ने कोटा में सोयाबीन उत्पादन को बढ़ावा नहीं मिलने की बात कही। जिस पर मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कृषि व्यवसाय प्रोत्साहन नीति के जरिए इसे बढ़ावा देने का आश्वासन दिया।

Author: JAN TV Editorial Team

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