(Amber, Jaipur)
विधानसभा में पंचायत चुनाव और नौकरी के संबंध में बच्चों की संख्या पर सवाल उठे। सवाल ये भी उठे कि इस तरह के प्रावधानों के कारण कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिल रहा है। विधानसभा में शून्यकाल के दौरान निर्दलीय रणवीर सिंह भिंडर ने ये मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का लिंगानुपात बिगड़ता जा रहा है। इसकी वजह चुनाव और नौकरी के मामले हैं, उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कानून को मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों में वापस ले लिया है। फिर राजस्थान में ऐसा कानून क्यों। फूलचंद भिंडा, श्रीचंद कृपलानी सहित कई अन्य सदस्यों ने भी इस पर सवाल उठाए और सरकार से पूछा कि क्या हम बच्चे पैदा करना बंद कर दें। जिस पर मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा इस कानून का मंतव्य था कि जनसंख्या पर नियंत्रण किया जाए। इसके पीछे अच्छा उद्देश्य था, यदि एमएलए और एमपी के मामले में भी बनता है तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा। फिर भी सदस्यों ने ये मामला उठाया है तो इस मामले पर सभी की राय के साथ फिर से चिंतन किया जा सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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