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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कबूल किया है कि इबोला के खतरे को कम आंका गया। यह वाइरस दिनोदिन इतनी तेजी से फैल रहा है कि इसकी रोकथाम की हमारी मेडिकल क्षमता भी कमतर पड़ती जा रही है। पश्चिमी अफ्रीका में इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा पहले ही 1000 पार कर चुका है। मेडिकल चैरिटी संस्था एमएसएफ ने कहा कि इस वाइरस को रोकने में दवा ज्यादा प्रभावी नहीं साबित हो रही है। हो सकता है कि इसे कंट्रोल करने में कम से कम 6 महीने और लग जाएं। डब्लूएचओ ने यह भी माना कि इस बीमारी से निपटने के लिए श्अभूतपूर्व कदमश् उठाने की जरूरत थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। एैसा नही हो पाया। डब्लूएचओ ने कहा कि इसके कर्मचारियों के पास इस बात के सबूत हैं कि सामने आए संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के मामले असली हालात बयां नहीं करते।
Author: JAN TV Editorial Team
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