आस्ट्रेलिया और भारत के बीच असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर सहमति
(International) एक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुये कहा गया है कि सहमति बन गई है और भारतीय अधिकारियों ने आस्ट्रेलिया को विश्वास दिला दिया है कि यहां से मिलने वाला यूरेनियम परमाणु हथियार में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्ष समझौते पर सहमत हो गये हैं। इसमें कहा गया है कि अबॉट अगले महीने के शुरू में भारत जाने वाले हैं और वह वहां इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि अन्य परमाणु निर्यातक देशों की तुलना में भारत ने समझौते की बातचीत काफी कम समय में पूरी की है। वर्ष 2012 में लेबर पार्टी ने भारत को यूरेनियम निर्यात पर पाबंदी का अपना फैसला पलट दिया था, उसके बाद से दोनों देशों में इस समझौते के लिए बातचीत शुरू हुई थी। आस्ट्रेलिया के पास विश्व के यूरेनियम संसाधनों का एक तिहाई भंडार है और वह सालाना 7,000 टन यूरेनियम का निर्यात करता है। भारत अपनी आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिये ऊर्जा की तंगी से जूझ रहा है। ऐसे में वह परमाणु उर्जा के विकल्प का लाभ उठाना चाहता है। भारत अर्जेंटीना और कजाखस्तान जैसे देशों के साथ पहले ही असैन्य परमाणु सहयोग समझौता कर चुका है।

Author: JAN TV Editorial Team

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