(International)
भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास उपलब्ध ज्यादातर संघर्ष उन्मूलन तरीकों की प्रभाव क्षमता उसके नैतिक प्राधिकार पर निर्भर करती है और अगर परिषद की संरचना जमीनी सच्चाइयों से ‘प्रत्यक्षत:’ कटी हुई होगी तो यह सीमित हो सकती है। सुरक्षा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में अपने अधीन ‘संघर्ष उन्मूलन’ पर आयोजित एक आम चर्चा में हिस्सा लेते हुए भारत के कार्यवाहक स्थाई सदस्य भगवंत बिश्नोई ने कहा कि ब्रिटेन की ओर से वितरित परिकन्पना पत्र में कार्रवाई की संस्कृति से उन्मूलन की संस्कृति की तरफ सुरक्षा परिषद के बढ़ने की जरूरत पर बल दिया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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