इस्लामिक स्टेट के साथ सद्दाम के वफादार लोग
(International)
कभी पूर्व इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के तमाम विभागों के जानकार और वफादार अब आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का हिस्सा बन गए हैं। आतंकी संगठन की सफलता में इनका योगदान काफी मायने रख रहा है। ये एक तरह से फाइनेंस, आर्म्स, लोकल गवर्नेंस, मिलिट्री ऑपरेशंस और रिक्रूटमेंट के एक्सपर्ट की तरह काम कर रहे हैं और इनका मैनेजमेंट स्ट्रक्चर काफी प्रभावी है। इनमें से ज्यादातर लोग सीधे प्ै चीफ व खलीफा अबु बकर द्वारा चुने गए हैं। बताया जाता है कि इन एक्सपर्ट्स से अबु बकर की मुलाकात कैंप बुक्का जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी। अबु बकर की प्राथमिकता में भी ऐसे ही मिलिट्री मेन शामिल हैं। कभी सद्दाम के खास रहे लेफ्टिनेंट कर्नल फदल अल हयाली और अदनान अल स्वैदावी अब आतंकी संगठन की मिलिट्री कौंसिल के प्रमुख के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। कई साल तक अमेरिका से लड़ते रहे इन सैन्य अफसरों को अमेरिकी सेना की कार्यप्रणाली से वाकिफ होना काफी रास आ रहा है। इसके अलावा इन्हें स्थानीय इलाकों की पुख्ता जानकारी भी है और इनके संपर्क भी आसपास के लोगों से काफी अच्छे हैं। आईएस को आतंकियों और सेना का मिलाजुला संस्करण (हाईब्रिड) माना जा रहा है। यहां तक कि अमेरिकी फौज का मानना है कि बिना एक्सपर्ट्स की मदद ये संगठन इतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ सकता था। स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस संगठन के लड़ाके आतंकियों की तरह नहीं बल्कि सेना की टुकड़ी की तरह लड़ते हैं। इन्हें स्थानीय सुन्नी समूहों और सद्दाम की बाथ पार्टी से भी सपोर्ट मिलता है, जो अमेरिकी हमले के कारण अलग थलग पड़ गए थे।

Author: JAN TV Editorial Team

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