स्कॉटलैंड को आजादी मिले या नहीं, इसको लेकर होने वाले जनमत संग्रह को अब बस आठ दिन बचे हैं। स्वतंत्रता समर्थकों की तादाद बढ़ने से कैमरन सरकार मुश्किल में फंस गई है। सरकार की परेशानी बढ़ाते हुए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने इस मामले में दखलंदाजी से इन्कार कर दिया है। 1977 में ऐसे ही मुद्दे पर महारानी द्वारा ब्रिटिश संसद में दिया गया संबोधन लोगों का मन बदलने वाला साबित हुआ था। बकिंघम पैलेस से निराशा हाथ लगने के बाद ब्रिटेन की तीनों प्रमुख पार्टियों के नेताओं ने स्कॉटिश जनता को एकता के पक्ष में मनाने के लिए कमर कस ली है। स्कॉटलैंड जाने के लिए कंजरवेटिव पार्टी के नेता एवं प्रधानमंत्री डेविड कैमरन व विपक्षी लेबर पार्टी के प्रमुख एडवर्ड मिलिबैंड ने अपने सभी कार्यक्रम रद कर दिए हैं। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता व देश के उप प्रधानमंत्री निक क्लेग भी वहां प्रचार करेंगे। तीनों पार्टियों के नेता अलग-अलग कार्यक्रम कर लोगों को आजादी की मांग का समर्थन न करने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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