स्कॉटलैंड की आजादी के लिए हो रहे जनमत संग्रह में ब्रिटेन के पिछड़ने की रिपोर्टो के बाद आखिरकार महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने मोर्च संभाल ही लिया। सीधे राजनीतिक दखल से बचते हुए उन्होंने कहा, मुझे पूरी उम्मीद है कि स्कॉटिश लोग अपने भविष्य के बारे में जिम्मेदारी से सोचेंगे। इसके बाद ही वे मतदान करेंगे। महारानी ने इससे पहले 18 सितंबर को होने वाली जनमत संग्रह प्रक्रिया में दखलंदाजी से साफ इन्कार कर दिया था। मगर प्रधानमंत्री डेविड कैमरन समेत सभी राजनीतिक दलों और वरिष्ठ नेता बार-बार स्कॉटलैंड में भी समान रूप से लोकप्रिय महारानी से यूनियन को बचाने की अपील कर रहे थे। एलिजाबेथ द्वितीय स्कॉटलैंड के एबरडीनशायर में रविवार को एक चर्च के बाहर इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए कहा, श्आपको जिम्मेदारी से मतदान करना होगा। यह आपके भविष्य का सवाल है।श् पिछले ही हफ्ते बकिंघम पैलेस ने राजनेताओं से स्पष्ट कह दिया था कि महारानी को राजनीति में न घसीटा जाए। लेबर और कंजरवेटिव पार्टी को अपने तरीके से इस मसले को सुलझाना चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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