दुनिया की पांच महाशक्तियों ने आतंकी संगठनों के फैलते प्रभाव को खत्म करने का फैसला कर लिया है। विदेशी आतंकियों की विकराल होती समस्या से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता खुद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने की थी, जो कि एक असाधारण घटना है। इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट से अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत तमाम देशों के नागरिक जुड़ रहे हैं। इससे पूरी दुनिया चिंतित है। ओबामा ने बुधवार को दिए बयान में कहा, श्मिडिल ईस्ट समेत हर जगह यह आतंकी चुनौती पेश कर रहे हैं। इन आतंकी संगठनों से जो नागरिक जुड़ रहे हैं, वे हमारे लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। वे वापस लौटकर देश में गंभीर हमले कर सकते हैं। इसलिए हमें इन्हें रोकना ही होगा।श् अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के अनुसार, हाल के कुछ सालों में करीब 80 देशों के 15 हजार लोग सीरिया जाकर आतंकी संगठनों से जुड़ गए। उन्होंने आइएस, अलकायदा, अल नुसरा फ्रंट जैसे आतंकी संगठनों का हाथ थामा है। यदि यह लोग वापस लौटे तो बहुत चुनौती खड़ी हो जाएगी। सीमा पार आतंकवाद से निपटना किसी एक राष्ट्र के वश में नहीं है।
Author: JAN TV Editorial Team
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