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विश्व बैंक के एक अध्ययन के मुताबिक भारत को 2014 में इस स्रोत से 71 अरब डॉलर की रकम मिलेगी। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष विकास शील देशों को प्रवासियों से कुल मिलाकर 435 अरब डॉलर की प्राप्ति की संभावना है जो कि 2013 के मुकाबले पांच प्रतिशत अधिक है। विश्व बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट ‘ उत्प्रवासन और विकास का सार’ में कल कहा है कि दुनिया में सबसे अधिक उत्प्रवासी भारत के हैं और इनकी संख्या एक करोड 40 लाख है। भारत को इनसे इस साल 71 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा मिलने का अनुमान है और इस मामले में देश सबसे ऊपर रहेगा। विश्व बैंक समूह के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने कहा, विकासशील देशों को अपने परदेशी नागरिकों से मिला धन इस साल पांच प्रतिशत बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, मिस्र, हैती, होंडूरास और नेपाल जैसे देशों के कुल आयात खर्च का एक बड़ा हिस्सा परदेशियों द्वारा भेजे गए धन से निपटाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रावासियों से प्राप्त कमाई के मामले में भारत और चीन क्रमश: 71 और 64 अरब डॉलर की अनुमानित प्राप्ति के साथ सबसे ऊपर हैं। फिलिपींस को परदेश में रह रहे अपने लोगों से इस साल 28 अरब डालर, मैक्सिको को 24 अरब डॉलर, नाइजीरिया 21 अरब डॉलर, मिस्र को 18 अरब डॉलर, पाकिसतान को 17 अरब डॉलर, बांग्लादेश को 15 अरब डॉलर, वियतनाम को 11 अरब डॉलर और उक्रेन को 9 अरब डॉलर की रकम मिलने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2013 के मुकाबले इस साल वृद्धि दर काफी तेज है। एशिया और लातिन अमेरिकी देशों को इस स्रोत से अपेक्षाकृत अधिक धन मिलने से यह संभव हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
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