(International)
राजधानी में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक अधिकारी ने मामलों की पुष्टि करते हुए कहा कि बलूचिस्तान के किला अब्दुल्ला और क्वेटा में तीन मामले और अफगानिस्तान की सीमा से लगे दक्षिण वजीरिस्तान कबाइली क्षेत्र में एक मामला सामने आया है। प्रभावितों को उनके माता पिता द्वारा इनकार करने की वजह से कभी भी पोलियो का टीका नहीं मिला। पाकिस्तान में इस साल बीमारी के पीड़ितों की संख्या के लिहाज से 14 साल पुराना रिकार्ड टूट चुका है। इससे पहले वर्ष 2000 में पोलियो के 199 मामले सामने आए थे। देश के दक्षिणपश्चिमी इलाकों में पोलियो के विषाणु का संक्रमण सबसे ज्यादा है जिससे दूसरे इलाके भी प्रभावित हो रहे हैं। कबाइली इलाकों से अब तक 151 मामले सामने आए हैं। खबर पख्तूनख्वा प्रांत में 48, सिंध में 23, बलूचिस्तान में 10 और देश के सबसे बड़े प्रांत पंजाब में तीन मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान सरकार पोलियो के उन्मूलन में असफल रहने की वजह से आलोचनाओं के घेरे में हैं। पोलियो के बढ़ते मामलों के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि कबाइली इलाकों में टीककरण नहीं हो पा रहा जहां तालिबान का अब भी बड़े इलाकों में नियंत्रण है। तालिबान पोलियो टीकाकरण को पश्चिमी देशों की मुसलमानों को नपुंसक बनाने की साजिश बताता है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया में अब भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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