भारत के विरोध के बावजूद श्री लंका ने चीनी पनडुब्बी को फिर दी जगह
(International) सितंबर में चीन नेवी की एक पनडुब्बी के कोलंबो बंदरगाह पर लंगर डालने के बाद अब एक और पनडुब्बी भी यहां डेरा डालने जा रही है। भारत की चिंताओं के बावजूद श्रीलंका सरकार ने चीन की दूसरी पनडुब्बी को अपने बंदरगाह पर डेरा डालने की इजाजत दे दी है। सूत्रों के मुताबिक चीन के इस नए प्लान में श्रीलंका उसका साथ दे रहा है।
सितंबर में भारत को श्रीलंका के बीच 'पाक स्ट्रेट' (भारत-श्रीलंका को जोड़ने वाला गलियारा) में चीनी पनडुब्बी की मौजूदगी ने भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा दी थीं। इसे लेकर भारत ने इसी महीने की शुरूआत में श्रीलंका के रक्षा सचिव के सामने नाराजगी जाहिर की थी, जिसके बाद श्रीलंका में चीन की दूसरी पनडुब्बी के लंगर डालने की खबर सामने आई है। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी पनडुब्बियों के बेड़े को क्षेत्र में बड़ी चुनौती बताया गया था। श्रीलंकाई बंदरगाहों पर उनकी मौजूदगी भारत के लिए खतरे को और बढ़ा देती है। वर्ष 2005 में महिंदा राजपक्षे को राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ही श्रीलंका में चीन का इन्फ्रास्ट्रक्चर और गतिविधियां दोनों ही बढ़ी हैं।
गौर हो कि चीनी पनडुब्बियों का बेड़ा डीजल और न्यूक्लियर यंत्रचालित है जो चीन सेना की बेहद आक्रामक शक्ति को दिखाती हैं। साथ ही इनमें 3 बलिस्टिक मिसाइल भी दाग सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक श्रीलंकाई बंदरगाहों पर चीनी पनडुब्बियों की मौजूदगी भारत के लिए खतरे को और बढ़ा देती है।

Author: JAN TV Editorial Team

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