(International)
इस हमले में 10 महिलाओं, आठ बच्चों और तीन सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई। अलकायदा से संबंधित संगठन जुंदुल्लाह (अल्ला के सिपाही) ने सबसे पहले इस हमले की जिम्मेदारी ली। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अलग होकर यह संगठन अस्तित्व में आया है। इसके बाद जमात-उल-अहरार ने कहा कि उसके हमलावर हाफिज हनीफुल्ला ने इस हमले को अंजाम दिया। इन दोनों के अलावा महर महसूद नामक समूह ने भी इस आत्मघाती हमले को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली है। जमात-उल-अहरार ने ट्विटर पेज पर कहा कि यह हमला भारत और पाकिस्तान दोनों को चेतावनी है और इस तरह के हमले सीमा पार भी हो सकते हैं। उसने दूसरे संगठनों की ओर से इस हमले की जिम्मेदारी लिए जाने को खारिज कर दिया है। यह संगठन हाल ही में टीटीपी से अलग हुआ था। इसका सरगना उमर खालिद खुरसानी है।
Author: JAN TV Editorial Team
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