पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पिछले 11 माह में सूखे और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में 275 बच्चों की मौत हो चुकी है। सिंध प्रांत में हजारों अल्पसंख्यक हिंदू निवास करते हैं। भारत-पाक सीमा से सटे थारपारकर जिले का अधिकांश हिस्सा रेगिस्तान है। क्षेत्र में जीवन, बारिश पर ही निर्भर रहता है, लेकिन कई माह से यहां अकाल पड़ा है। उपायुक्त आसिफ जमील ने प्रांतीय सरकार को दिसंबर 2013-अक्टूबर 2014 के बीच की एक सूची सौंपी है, जिसमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों का विवरण है। हालांकि सभी मौतों के लिए अधिकारिक रूप से सूखे को जिम्मेदार ठहराया गया है। शिशु मृत्यु में निमोनिया, रक्त संक्रमण, दस्त, जन्म से श्वास अवरोध और रक्तस्रावी बुखार जैसे चिकित्सा कारण शामिल हैं। सवालों के घेरे में सिंध सरकारबच्चों की बढ़ती मौत के चलते सिंध सरकार भारी विरोध झेल रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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