साल 2012 के लिबोर ब्याज दर घोटाले में अमेरिका व यूरोप के नियामकों ने पांच बड़े बैंकों पर 3.2 अरब डॉलर (करीब 19,700 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। इनमें ब्रिटेन के एचएसबीसी व रॉयल बैंक ऑफ इंग्लैंड और अमेरिका के सिटीग्रुप और जेपी मॉर्गन चेज शामिल हैं। स्विट्जरलैंड का यूबीएस पांचवां बैंक है। ये सभी बैंक मामले के निपटारे के लिए जुर्माने की रकम भरने को राजी हो गए हैं। इन पांचों बैंकों पर ब्रिटेन के वित्तीय नियामक फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी (एफसीए) ने 1.7 अरब डॉलर का जुर्माना ठोका है। अमेरिकी नियामक कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीएस) ने 1.4 अरब डॉलर का अर्थदंड लगाया है। इसके अलावा स्विट्जरलैंड के वित्तीय नियामक ने 13.9 करोड़ डॉलर का जुर्माना जमा कराने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि लिबोर घोटाले के मुख्य आरोपी बार्कलेज बैंक के खिलाफ जांच अभी जारी रहेगी। नियामकों ने इस बैंक को मामले का निपटान सहमति से करने के लिहाज से उपयुक्त नहीं पाया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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