(International)
म्यामांर की राजधानी ने पई ताव में 12 और 13 नवंबर को संपन्न आसियान-भारत तथा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों में भाग लेने के बाद मोदी ब्रिस्बेन पहुंचे। प्रधानमंत्री म्यामांर, ऑस्ट्रेलिया और फि़ज़ी में बहुपक्षीय सम्मेलनों में शामिल होने और द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए इन देशों के 10 दिवसीय दौरे पर हैं। भारत से रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि जी-20 सम्मेलन में वह काले धन के खिलाफ वैश्विक सहयोग के महत्व को ‘मुख्य मुद्दे’ के तौर पर उठाएंगे। भारत से रवाना होने से पूर्व मोदी ने एक बयान में कहा था ‘काले धन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर देना मेरे लिए मुख्य मुद्दा होगा।’ विदेशी बैंकों में जमा काले धन को उजागर करने के लिए भारत प्रयास कर रहा है। ऐसे में समझा जाता है कि मोदी सीमा के आर पार जारी कर अपवंचन और कर चोरी से निपटने के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया को लेकर देश की प्रतिबद्धता पुन: दोहराएंगे। विश्व की सबसे बड़ी विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह 20 के सालाना शिखर सम्मेलन में मोदी ने कहा कि उनका इरादा इस बात पर चर्चा करने का है कि डिजिटल अवसंरचना सहित अगली पीढ़ी की अवसंरचना के सृजन को गति कैसे दी जाए और स्वच्छ एवं वहनीय उर्जा तक पहुंच कैसे सुनिश्चित की जाए। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन 15 नवंबर से शुरू होगा। इस प्रवास के दौरान मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद कैनबरा में प्रधानमंत्री टोनी एबॅट के साथ बातचीत करेंगे। वर्ष 1986 में राजीव गांधी ऑस्ट्रेलिया गये थे। इसके 28 साल बाद ऑस्ट्रेलिया जाने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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