(International)
यहां जी20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात के दौरान मर्केल ने मोदी के साथ इस मुद्दे को उठाया और उन्हें जर्मनी आने का न्यौता भी दिया। जर्मन चांसलर ने मोदी से कहा कि भारत को ऐसी प्रणाली पर काम करना चाहिए जहां बच्चे स्कूलों में जर्मन भाषा सीख सकें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने संवाददाताओं से कहा, ‘मर्केल ने भारतीय स्कूलों में संस्कृत के विकल्प के रूप में जर्मन भाषा पढ़ाये जाने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पर विचार करने तथा यह देखने का अनुरोध किया कि आगे क्या सर्वश्रेष्ठ रास्ता हो सकता है।’ प्रवक्ता के मुताबिक जवाब में मोदी ने कहा कि बच्चों के लिए यथासंभव ज्यादा से ज्यादा भाषाएं सीखना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने मर्केल को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार उनकी चिंताओं पर ध्यान देगी। अकबरूद्दीन ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने उन्हें (मर्केल को) भरोसा दिलाया कि वह खुद बच्चों के अन्य भाषाएं सीखने के समर्थक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पर भारतीय प्रणाली के दायरे में किस तरह सर्वश्रेष्ठ काम हो सकता है, इस पर विचार किया जाएगा।’ मर्केल ने मोदी से यह भी कहा कि जर्मनी उनकी यात्रा के प्रति आशान्वित है। विदेश मंत्रालय द्वारा डाले गये एक ट्वीट के अनुसार, ‘हमारे रिश्ते गहन हो रहे हैं। आपकी यात्रा का इंतजार है।’
Author: JAN TV Editorial Team
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