एआईएडीएमके सुप्रीमो जे. जयललिता को शनिवार को हरे रंग के टोटके के बीच शुभ मुहूर्त में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए राष्ट्रगान का अपमान किया गया। शपथ ग्रहण से पहले राष्ट्रगान को आधा बजाकर रोका गया और फिर बाकी राष्ट्रगान जयललिता की शपथ के बाद पूरा किया गया। इसके पीछे वजह यह थी कि जयललिता शुभ मुहूर्त पर शपथ लेना चाहती थीं और राष्ट्रगान की वजह से मुहूर्त में देरी हो रही थी। मद्रास यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 67 वर्षीय जयललिता को शपथ से पहले राष्ट्रगान की जगह तमिलनाडु का राज्यगान बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान बजाया गया, लेकिन उसे बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद राज्यपाल के. रोसैया ने जयललिता को शपथ दिलाई और फिर बाद में पूरा राष्ट्रगान किया गया। जयललिता के करीबी बताते हैं कि वह एस्ट्रॉलजी में काफी विश्वास करती हैं। शपथ ग्रहण समारोह के लिए समय और रंग का चुनाव भी उन्होंने इसी आधार पर किया था। जयललिता ने पांचवी बार शपथ लेने के लिए शनिवार का दिन चुना, क्योंकि शनिवार को वह अपने लिए अच्छा दिन मानती हैं।
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