मोदी ने किया योग का व्यवसायिकरण नहीं करने का आह्वान
(India)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग का व्यवसायिकरण नहीं करने का आह्वान करते हुए रविवार को कहा कि यह कोई कमोडिटी नहीं है और इस पर पूरी दुनिया का समान अधिकार है। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर समग्र स्वास्थ्य के लिए आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि योग दुनिया को जोड़ता है और इसमें सबको एक दूसरे के नजदीक लाने की ताकत है। उन्होंने कहा कि योग भेदभाव की परिधि से बाहर की ऐसी जीवन पद्धति है जिसमें शांत तथा सशक्त मस्तिष्क का निर्माण होता है और समाज अनुशासित तथा निरोग बनाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तपस्वियों की इस महान जीवन पद्धति का व्यवसायीकरण कभी कोई नहीं करेगा। उन्होंने योग को विश्व शांति के लिए एक ऐसी जीवन शैली बताया जिसके अभ्यास से मस्तिष्क् में नयी चेतना विकसति होती है जिससे मानव में भेदभाव, कटुता और ङ्क्षहसा का भाव समाप्त हो जाता है। उनका कहना था कि योग की क्रियाओं को संपादन करने के बाद और मनुष्य के भीतर साहसी और विशिष्ट होने का भाव जागृत होता है।
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