सुप्रीम कोर्ट ने आज मुंबई में 1993 में हुए बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की क्यूरेटिव पेटिशन को खारिज कर दिया। इसके साथ ही उसकी फांसी की सजा पर मुहर लग गई है। इससे पहले राष्ट्रपति उसकी दया याचिका को ठुकरा चुके हैं। इस मामले में एक मात्र वही है जिसकी फांसी की सजा कोर्ट ने बरकरार रखी है। जानकारी के मुताबिक उसकी फांसी के लिए नागपुर सेंट्रल जेल में सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। अब उसको 30 जुलाई को फांसी दे दी जाएगी। मुंबई में 12 मार्च, 1993 को हुई इस आतंकी घटना में एक दर्जन से अधिक जगहों पर धमाके हुए थे। इनमें 260 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे।
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