दिल्ली में पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरजाज अजीज के साथ बैठक से पहले सभी हुर्रियत नेताओं को जम्मू कश्मीर में उनके घरों में नजरबंद करने के कुछ घंटे बाद छोड़ दिया गया. जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को भी गिरफ्तारी के बाद रिहा कर दिया गया. यासीन मलिक को गिरफ्तार करके कोठीबाग पुलिस स्टेशन ले जाया गया था. पाकिस्तान का झंडा फहराने वाली अलगाववादी आसिया अंद्राबी के घर पर भी छापेमारी हुई. पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके हुर्रियत नेताओं को नजरबंद करने के लिए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की आलोचना की है. पाकिस्तानी उच्चायोग ने 23 अगस्त को हुर्रियत नेताओं को बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया है.
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