भारत की कड़ी आपत्ति के बावजूद पाक ने कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से बातचीत के निर्णय को जायज करार दिया है। वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि एनएसए बैठक में सिर्फ आतंकवाद के मुद्दे पर ही चर्चा होगी। एनएसए की बैठक से पहले गुरुवार को पाकिस्तान ने कहा, अलगाववादियों के साथ हमारा विचार-विमर्श करना एक नियमित मामला है। यह लंबे समय से चला आ रहा है। पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता काजी खलीलुल्ला ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज भारत जाने पर हुर्रियत नेताओं से जरूर मिलेंगे। कश्मीरी नेताओं के साथ मुलाकात और हमारे उच्चायुक्त का कई मौकों पर उन्हें आमंत्रित करना लंबे समय से चला आ रहा है। इन नेताओं के साथ मुलाकात दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श एवं बातचीत से पहले का आम चलन है। पाकिस्तान के रुख को लेकर एनएसए की बैठक रद्द नही करने का बचाव करने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद उतरे। उन्होंने कहा, बैठक का मुद्दा उफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ ने तय किया था। उसी के मद्देनजर इस बैठक को आतंकवाद और उसे रोकने के उपायों पर केंद्रित किया जाएगा।
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