उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र के रहमत नगर स्थित आयशा सिद्दीकी मदरसे की अध्यापिकाओं ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर कमिशन मांगने का आरोप लगाया है। पूरा मामला वेतन को लेकर है। जहा मदरसे में पढ़ा रही अध्यापिकाओं को अल्पसंख्यक अधिकारी द्वारा लगभग दो साल वेतन नहीं दिया गया है। वही अध्यापिकाओ ने आरोप लगाया है कि जब हम अल्पसंख्यक अधिकारी से वेतन के बारे में कहा गया तो उन्होंने हमारे वेतन में से 25ः माँगा। जिसको हमने मना कर दिया और उसके बाद से ही वेतन नही दिया। अध्यापिका ने कहा आज हम लोग जिलाधिकारी से मिले गए जहां अल्पसंख्यक अधिकारी को भी बुलाया गया तो वो हम लोगो को पहचानने से इनकार कर दिया और भगा दिया। उल्टा हम लोगो को झूठा ठहरा दिया। वही इस मामले अल्पसंख्यक अधिकारी ने कहा की आज ये दोनों अध्यापिका जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है लेकिन मेरे उपर झूठा आरोप लगाया गया है। बल्कि आयशा मदरसे के प्रबन्धक ने अपने मदरसे में रिश्तेदारों को ही रखा है जबकि प्राविधान है कि कोई भी अपने रिश्तेदार ,भाई ,बहन को नहीं रख सकता है इसलिए इनका वेतन रोका गया है।
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