मोदी सरकार ने जाति आधारित जनगणा अभी जारी नहीं कि है। लेकिन आज मोदी सरकार ने धर्म आधारित जनगणना जारी कर दी है। 2011 की जनगणना के मुताबिक पिछली बार (2001) की तुलना में हिंदुओं की तादाद 0.7 फीसदी कम हुई है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 0.8 फीसदी बढ़ी है। मोदी सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है रजिस्ट्रा र जनरल एंड सेंसस कमिश्नंर की ओर से मंगलवार को धार्मिक आधार पर कराई गई जनगणना के नतीजे जारी किए गए। श्पॉपुलेशन बाय रीलिजियस कम्यु निटीज ऑफ सेंसस 2011श् नाम से जारी रिपोर्ट में सिखों की आबादी भी कुल जनसंख्या की तुलना में 0.2 फीसदी कम हुई है। ईसाई और जैन धर्म मानने वालों की आबादी 2001 से 2011 के दौरान लगभग बराबर ही रही है। वहीँ धर्म आधारित आंकड़े जारी करने के बाद राजनीतिक हलकों में कई स्वर मुखर होने लगे है .. राजनेताओं और विश्लेलषकों का कहना है कि कि मोदी सरकार ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले धर्म आधारित जगगणना के आंकड़े जारी कर इलेक्शन कार्ड खेला है। उनका कहना है कि बिहार में अक्टूगबर-नवंबर में चुनाव होंगे और राज्या की 243 सीटों में से 50 पर इसका असर पड़ सकता है।
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