काहिरा की आपराधिक अदालत ने शनिवार को मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को जासूसी के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। मोरसी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी खुफिया जानकारी कतर और दोहा स्थित एक टीवी नेटवर्क को दी। कोर्ट ने इस मामले में पूर्व राष्ट्रपति के छह करीबियों को भी मौत की सजा सुनाई है। मिस्र में आजीवन कारावास की सजा 25 साल होती है। काहिरा की आपराधिक अदालत ने इसी मामले में मोरसी को राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी दस्तावेज चुराने के जुर्म में 15 साल की अतिरिक्त सजा दी है। हालांकि, कोर्ट का यह फैसला आंतिम नहीं है और इसके खिलाफ मोरसी अपील कर सकते हैं। खाड़ी का संपन्न देश कतर मोरसी के 2012 से लेकर जुलाई 2013 तक के शासन काल में उनका प्रमुख समर्थक था। पिछले महीने अदालत ने आदेश दिया था कि मोरसी को छोड़कर छह प्रतिपादियों के मामले से जुड़ा दस्तावेज बड़े इमाम को भेजा जाएगा। मिस्र के कानून के तहत वह मृत्युदंड के सभी मामलों की समीक्षा कर सकते हैं। हालांकि उनका फैसला बाध्यकारी नहीं है।
Author: JAN TV Editorial Team
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