हालांकि पुतिन ने कहा कि नियमों के मुताबिक ही आखिरी फैसला लिया जाएगा। साथ ही पुतिन ने कहा कि जितने नए देशों ने सदस्यता के लिए अपील की है कि उनके बारे में 48 सदस्यों NSG टीम बैठक में विचार करेगी। सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच पर खास बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति ने भारत को समर्थन का संकेत देते हुए कहा कि वो भारत को परमाणु संबंधी मसलों पर सहयोग के लिए तैयार है लेकिन उसे अंतर्राष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर ही अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि परमाणु सुरक्षा को लेकर भारत भी हमेशा से सक्रिय रहा है। वहीं भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती दोस्ती पर उन्होंने कहा कि इससे भारत और रूस के रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। दोनों के रिश्ते बहुत पुराने हैं और एक-दूसरे को बेहद करीब से जानते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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