शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन में हिस्सा लेने गए मोदी की शी जिनपिंग से मुलाकात हुई। एनएसजी मेंबरशिप को लेकर ये मुलाकात काफी अहम है। वहीं सिओल में चल रही न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) की प्लेनरी मीटिंग में भारत की मेंबरशिप का मुद्दा उठा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गुरुवार रात भी इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। सिओल में भारत की पैरवी करने फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर गए हुए हैं। बता दें कि चीन, एनएसजी में भारत की एंट्री का विरोध कर रहा है। लेकिन हाल ही में उसके रवैये में नरमाहट आई है। शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन से अलग पाकिस्तान के प्रेसिडेंट ममनून हुसैन ने ताशकंद में चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों लीडर्स ने एनएसजी में मेंबरशिप और चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर बातचीत की। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि एनएसजी मेंबरशिप में भेदभाव नहीं होना चाहिए। दोनों का मानना है कि अगर अकेले भारत को मेंबरशिप मिलती है तो क्षेत्र में शक्ति संतुलन बिगड़ेगा। पाकिस्तान ने चीन को एनएसजी मेंबरशिप के लिए सपोर्ट करने पर शुक्रिया भी किया। शुक्रवार को मोदी की रशियन प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से बातचीत होगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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