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अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को गुड टेरेरिज्म और बेड टेरेरिज्म के आधार पर आतंकवादी समूहों में फर्क न करने की कड़ी नसीहत दी है। अमेरिका ने कड़े शब्दों में कहा है कि वो अपनी जमीन को आतंकियों की पनाहगाह न बनने दे। उधर व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर भारत को अपना साझीदार करार दिया है। अमेरिका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक एजेंडे से अमेरिका भी सहमत है और जल्द ही दोनों अर्थव्यवस्थाएं दुनिया को नई दिशा देंगी। अमेरिका की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता एलिजाबेथ ट्रूडो ने गुरूवार को कहा, हमने चरमपंथियों को पनाह न देने की आवश्यकता के संबंध में पाकिस्तान सरकार के समक्ष सर्वोच्च स्तर पर लगातार अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, हमने पाकिस्तान सरकार पर उनकी निर्दिष्ट प्रतिबद्धताओं, कही गई वचनबद्धताओं का पालन करने पर जोर दिया है और आतंकवादियों के एजेंडा तथा उनके संबद्ध समूहों के आधार पर उनके बीच अंतर नहीं करने को कहा है। एलिजाबेथ ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ की उस बात पर ध्यान आकष्ट किया, जिसमें उन्होंने आतंकवादियों के बीच अंतर नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि काबुल में अमेरिकन यूनीवर्सिटी ऑफ अफगानिस्तान पर आतंकवादी हमला अफगानिस्तान के सबसे अच्छे और बेहतर विश्वविद्यालय पर हमला है और यह संकेत है कि हम अभी और भी काम कर सकते हैं। एलिजाबेथ ने कहा, ना केवल इस हमले बल्कि हिंसक चरमपंथ से मुकाबले के मददेनजर इससे पहले भी हम अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान की सरकारों को एक साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। बुधवार की शाम को काबुल में अमेरिकन यूनीवर्सिटी ऑफ अफगानिस्तान पर आतंकवादी हमले में 16 लोग मारे गए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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